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Monday, 22 April 2013

नष्ट पुरुष से हो चुका, नारिजगत का मोह-

छली जा रहीं नारियां, गली-गली में द्रोह ।
नष्ट पुरुष से हो चुका, नारिजगत का मोह |

नारिजगत का मोह, गोह सम नरपशु गोहन ।
बनके गौं के यार, गोरि-गति गोही दोहन ।

नरदारा नरभूमि, नराधम हरकत छिछली । 
फेंके फ़न्दे-फाँस , फँसाये फुदकी मछली । ।  

गोहन = साथी-संगी 
गौं के यार=अपना अर्थ साधने वाला
गोही = गुप्त  
नरदारा=नपुंसक 
नरभूमि=भारतवर्ष 
फुदकी=छोटी चिड़िया 


Sunday, 21 April 2013

हुआ विधाता बाम, पुरुष जो बना बिधाता

धाता कामी कापुरुष, रौंदे बेबस नार । 
बरबस बस पर चढ़ हवस, करे जुल्म-संहार । 

करे जुल्म-संहार, नहीं मिल रही सुरक्षा । 
गली हाट घर द्वार, सुरक्षित कितनी कक्षा ।  
 
करो हिफाजत स्वयं,  कुअवसर असमय आता । 
हुआ विधाता बाम, पुरुष जो बना बिधाता ॥ 

Saturday, 20 April 2013

जीते यहाँ कुरूप, हारता हेलो हैंडसम

Saudi Arabia Reportedly Deports Men for Being ‘Too Handsome’ 

हेलो हैंडसम अरब में, मत करना घुसपैठ |
पुलिस खदेड़ेगी तुम्हें, कान तुम्हारें ऐंठ |

कान तुम्हारें ऐंठ, फिकर उनको है भारी |
कहीं फिसल ना जाय, वहाँ की सारी नारी |

पर रविकर खुशहाल, वहाँ रह सकता बम बम |
जीते यहाँ कुरूप, हारता हेलो हैंडसम ||


Thursday, 18 April 2013

हॉलीवुड की नर्तकी, आय हिन्दु को लाज-


Selena Gomez performs Come and Get It at the 2013 MTV Movie Awards in Culver City, Calif., April 14, 2013. (DANNY MOLOSHOK/REUTERS)


नाची क्यूँ बिंदी लगा, मुजरा घुंघरू साज । 
हॉलीवुड की नर्तकी, आय हिन्दु को लाज ।  

आय हिन्दु को लाज, नकलची हमसे बढ़कर । 
सेलेना धिक्कार,  कहे धर्मांध बिगड़कर । 

सकते हमी उडाय, धज्जियां साँची-साँची । 
तुम होती हो कौन, लगा के बिंदी नाची ॥ 

Wednesday, 10 April 2013

शूटर लिया बुलाय, बाप की दिया सुपारी

 नवसंवत्सर की शुभकामनायें -

पारी-पारा मेटिये, रिश्ते नाते ख़ास । 
लेने जो देते नहीं, आजादी से साँस । 

आजादी से साँस, रास आते ना भाई । 
दादा दादी बाप, चचा चाची माँ माई  । 

सभी दुखों का मूल, दोस्ती रिश्तेदारी । 
 शूटर लिया बुलाय,  बाप की दिया सुपारी । 

Wednesday, 3 April 2013

मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय -

 आभार आदरणीय अरुण निगम जी-
मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय । 
जिला रही नश्वर बदन, जिला-जवाँर घुमाय । 
यमक अलंकार मुद्रा / जिला 

जिला-जवाँर घुमाय, जवानी के जलवे हैं । 
रूपाजीवा हाय, हुवे दंगे बलवे हैं । 

मरे हजारों लोग, लांछना लेकिन अनुचित । 
रविकर मरता जाय, मगन मन झांके प्रमुदित । । 
मुदिर=कामुक 
रूपाजीवा = वेश्या