जीवमातृका वन्दना, माता के सम पाल |
करे जीवमंदिर सुगढ़, पोसे सदा संभाल ||
शिव और जीवमातृका
धनदा नन्दा मंगला, मातु कुमारी रूप |
बिमला पद्मा वला सी, महिमा अमिट-अनूप ||
भ्रूण-हत्या
कोई तो रक्षा करो, माताओं से एक |
भ्रूणध्नी माता-पिता, देते मुझको फेंक ||
भ्रूण-हत्या
कुन्ती तारा द्रौपदी, लेशमात्र न रंच |
आहिल्या-मन्दोदरी , मिटती कन्या-पन्च |
पन्च-कन्या
सातों माता भी नहीं, बचा सकी गर पाँच |
रविकर महिमा पर पड़े, दैया दुर्धर्ष आँच |