Friday, 3 February 2012

वेलेन्टाइन डेट--

गाड़ी छुक-छुक चल रही, तेइस घंटे लेट ।
चौदह को निश्चित करे, वेलेन्टाइन डेट ।
वेलेन्टाइन डेट, बैठिये वेले नाहीं ।
लव-आईन का बन्ध, देखिए प्रेम-सुराही ।
final result photo manipulation
आँट-साँटकर पोट, खेल कर प्रेम-खिलाड़ी।
 गत नाड़ी की तेज, चले-छुक छुकछुक-गाड़ी ।।

Friday, 27 January 2012

मेरी टिप्पणी

 बेसुरम पर --

बाप रे! फिर चुनाव!!

ढोता बोझा तंत्र का, मन्त्र एक मतदान |
सरकारी खच्चर पड़ा, इत-उत ताक उतान |

इत-उत ताक उतान, बोझ से मन घबराया |
हिम्मत कर पुरजोर, तंत्र का बोझ उठाया |

बोले पर गणतंत्र, उठा के क्यूँ तू रोता |
प्रभू उठाये तोय, उठाये जैसे ढोता ||

Monday, 9 January 2012

टोटे-टोटे टाट, जीत ले लगा पलीता--

मोह लगे माया ठगे, जगे कमीशन खोर |

सत्ता शक्ती के सगे, चमचे लीचड़ चोर |
Symbol Party
  BSP

  SP
  NCP
  CPI
  CPI(ML)(L)
  SHS
  JD(U)

  JD(S)
  RJD
  AGP
  RSP
  BJD
  JMM
  RLD
  MUL
  AITC
  JKN

  FBL
  NPC
  MAG
  FPM
  JKPDP
  MNF

  UGDP
चमचे लीचड़ चोर, घोर शैतानी बेला |

रविकर रहा अगोर, पुन: बिरतानी खेला |
Election symbols...
जाति-धर्म में बाँट, ठाठ से जीवन जीता  |

टोटे-टोटे टाट, जीत ले लगा पलीता ||
File:BambooKyoto.jpg

Thursday, 15 December 2011

कान उमेठें गुरू जी--

शिशु-बाल  
A childhood photograph of Nguyen Tuong Van.
हँसना रोना छींकना, दुख सुख की अनुभूति |
करे तेज बल बुद्धि की, दैनंदिन आपूर्ति ||

Los Angeles Child Photography
तगड़ा होता फेफड़ा,  रोता  है तो रोय । 
बच्चे को मत रोकिये, स्वत: शीघ्र चुप होय  ||
Child Crying - IMG_1854.jpg
आँसू  बहने  दो जरा, भावों  को  मत  रोक  |
निर्मल होते दिल नयन, कम हो जाता शोक ||
Shock
कान  उमेठें  गुरू  जी, मुख से निकली आह |
बुद्धि तीक्ष्ण होती समझ,  भरते ज्ञान अथाह ||
 
गिरने से छिल जाय जब,  नरम -मुलायम खाल |
शांत चित्त हो देखिये, हृष्ट-पुष्ट हो बाल ||
 

एकाकी बालक नहीं,  सह पाता अवसाद |
हारे-जीते झुण्ड  में, जाने दुःख -उन्माद ||

Thursday, 8 December 2011

चढ़े चढ़ावा दूर, कागदे होय कमाई ||

रेगा होते जा रहे, लाभुक और मजूर |
बैठ कमीशन खा रहे, बिना काम भरपूर |
http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/9/91/Kettenbagger_CAT_325C_LN.jpeg
बिना काम भरपूर, मशीनें करैं खुदाई |
चढ़े चढ़ावा दूर, कहीं कागदे कमाई |

वैसे ग्राम-विकास, करे यूँ खूब नरेगा |
किन्तु श्रमिक अलसात, खेत-घर आधे रेगा ||


Thursday, 27 October 2011

भैया दूज पर-

सम्बन्धों  की  श्रृंखला,  निर्विकार - निष्काम |
जननी सम भगिनी दिखे, भर-जीवन अविराम ||

बहना के जियरा बसे, नेह परम-उत्ताल |
भाई  स्वारथ  में  पड़े,  दूर होय हर साल ||

करुणामयी पुकार पर,  धाये  भैया  हर्ष |
हर बहना महफूज हो, सामाजिक-उत्कर्ष ||

जीजाबाई मातु की, जसुमति पन्ना धाय |
लक्ष्मी दुर्गावती की, महिमा गाय अघाय |
लोकगीत में है भरा,  भाई-बहना प्यार |
पर आदर्शों की कमी, रहा झेल संसार ||

अनदेखी   भारी   पड़े,  पाप - कर्म  से  बाज  |
भ्रूण प्रौढ़ तक पोसिये, माँ मत भूल समाज ||
Bhai Duj

कुण्डली
राम-लखन की शान्ता,  भूले  तुलसीदास |
बहनों के बलिदान को, भूला  यह इतिहास |

भूला यह इतिहास, नहीं आकर्षण दिखता |
पावन प्यार-दुलार, ग्रन्थ न कोई लिखता |

कह रविकर अफ़सोस, बहन को नहीं जानता |
रखो याद हे राम,  लखन की बहन शान्ता ||

Sunday, 23 October 2011

शुभकामनाएं--

File:Onam pookalam.jpg
रचो रँगोली लाभ-शुभ, जले  दिवाली  दीप |
माँ लक्ष्मी का आगमन, घर-आँगन रख लीप ||

Deepavali To Complete With Gambling













घर-आँगन रख लीप, करो स्वागत तैयारी |
लेखक-कवि मजदूर, कृषक, नौकर, व्यापारी |
Diwali Cracker Hamper
नहीं खेलना ताश, नशे की छोडो टोली |
दो बच्चों का साथ, रचो मिल सभी रँगोली  ||