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Friday, 3 February 2012

वेलेन्टाइन डेट--

गाड़ी छुक-छुक चल रही, तेइस घंटे लेट ।
चौदह को निश्चित करे, वेलेन्टाइन डेट
वेलेन्टाइन डेट, बैठिये वेले नाहीं ।
लव-आईन का बन्ध, देखिए प्रेम-सुराही ।
final result photo manipulation
आँट-साँटकर पोट, खेल कर प्रेम-खिलाड़ी।
 गत नाड़ी की तेज, चले-छुक छुकछुक-गाड़ी ।।

8 comments:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  2. जनपदीय आंचलिक शब्दों को अच्छा स्तेमाल करते हैं रविकर दा! अच्छा व्यंग्य ,परम व्यंग्य .

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  3. ये तो जैसे आंखन देखी हो गई ,अपनी अनुभूति सी .अच्छी प्रस्तुति .

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  4. शब्द चयन का जवाब नहीं.......वाह !!!!!!!!!!!

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