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Thursday, 14 July 2011

हर हर बम-बम / बम बम धम-धम

हर-हर  बम-बम,  बम-बम धम-धम |
तड-पत  हम-हम,  हर पल नम-नम ||

अक्सर  गम-गम, थम-थम, अब थम |
शठ-शम शठ-शम, व्यर्थम  -  व्यर्थम ||

दम-ख़म, बम-बम, चट-पट  हट  तम |
तन  तन  हर-दम
*समदन सम-सम ||    *युद्ध


*करवर   पर  हम,  समरथ   सक्षम |
अनरथ  कर कम, झट-पट  भर दम ||    *विपत्ति 

भकभक जल यम, मरदन  मरहम | 
हर-हर  बम-बम, हर-हर  बम-बम || 
 

7 comments:

  1. कमाल की प्रस्तुति..

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  2. संवाद-नाद-अनुनाद,
    स्वर-रुदन-विषाद।

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  3. मर हम मरियम .सियासत जो कारा दे सो कम .गहन भावानुभूति की रचा ,नाद सौन्दर्य ,शब्द -पटुता ,अर्थ पटुता ...

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  4. अति सुन्दर अभिव्यक्ति, मन और मस्तिस्क
    दोनों को सराबोर कर गई - ये रचना. साधुवाद.
    आनन्द विश्वास.

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  5. अहा,
    अजब/ग़ज़ब.

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  6. कमाल कर दिया इस रचना में तो आपने ... गज़ब ...

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