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Monday, 2 December 2013

कर लो पुनर्विचार, पुलिस नित मुंह की खाये-

पाये कटक कमान तो, ताने विशिख कराल |
भूले लेवी अपहरण, भूले नक्सल चाल |

भूले नक्सल चाल, बंद हो जाये हमला |
फिर गांधी मैदान, बनेगा नहीं कर्बला |

कर लो पुनर्विचार, पुलिस नित मुंह की खाये | 
नक्सल रहा डकार, नहीं जनता जी पाये ||

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