Thursday, 5 September 2013

आश्रम हित आ श्रम करें, कर ले रविकर धर्म-

आश्रम हित आ श्रम करें, कर ले रविकर धर्म |
जब जमीर जग जाय तो, छोड़ अनीति कुकर्म |

छोड़ अनीति कुकर्म, नर्म व्यवहार करेंगे |
देंगे प्रवचन मस्त, भक्त की पीर हरेंगे |

किन्तु मढ़ैया एक, दिखाने खातिर आक्रम |
बनवा दूँगा दूर, सदाचारी जो आश्रम ||

2 comments:

  1. सभी पाठकों को हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच} परिवार की ओर से शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    --
    सादर...!
    ललित चाहार

    शिक्षक दिवस और हरियाणा ब्‍लागर्स के शुभारंभ पर आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि ब्लॉग लेखकों को एक मंच आपके लिए । कृपया पधारें, आपके विचार मेरे लिए "अमोल" होंगें | आपके नकारत्मक व सकारत्मक विचारों का स्वागत किया जायेगा | यदि आप हरियाणा लेखक के है तो कॉमेंट्स या मेल में आपने ब्लॉग का यू.आर.एल. भेज ते समय HR लिखना ना भूलें ।

    चर्चा हम-भी-जिद-के-पक्के-है -- हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल चर्चा : अंक-002

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  2. बहुत सुन्दर लिखा है !!

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