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Saturday, 31 March 2012

ममता बाढ़ी बंग, तंग सो सोनी मोहन

मोहन के बापू मियाँ, कहाँ हाथ से तंग ।।


मिले  नसीहत  नियमत:, हाव-भाव के संग।


 हाव-भाव के संग, जरा सी गिरवी लाठी ।

 मुश्किल में कुछ सूत्र, सड़ी चरखे संग *माठी ।



दिल थोडा मासूम, करें मंत्री आरोहन ।


ममता बाढ़ी बंग, तंग सो सोनी मोहन ।


*कपास की प्रकार  

4 comments:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!
    --
    अन्तर्राष्ट्रीय मूर्खता दिवस की अग्रिम बधायी स्वीकार करें!

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  2. खूबसूरत है अंदाज़े बयाँ आपका .बढ़िया लाज़वाब पोस्ट .

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  3. गुप्ताजी बढ़िया सरस

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