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Tuesday, 24 July 2012

जन-सन्देश टाइम्स में रविकर की कुंडली

ravikar 23 july 2012 jansandeshtimes.JPG

  दुर्लभतम अपराध, भूलते राजा-पाटिल

कातिल दुष्कर्मी फँसा, फाँसी  देता कोर्ट ।
रहम याचिका लगा के, ताके नित रेड-फोर्ट ।
 
ताके नित रेड-फोर्ट, दीखता खुटका-खीजा ।
चीखी वो निर्दोष, कलेजा नहीं पसीजा ।

दुर्लभतम अपराध, भूलते राजा-पाटिल।
साफ़ ठगा इन्साफ, दूसरी ढूंढे कातिल ।।

6 comments:

  1. चित्र अभी दिख नहीं रहा है,सही कर लें !

    बधाई !

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  2. कुण्डलियाँ कहती रहीं सभी बात बे -बाक ,...कर लो भैया रविकर सीधी सीधी ताक .जन -सन्देश कर लें-"जन्संदेश" को .शुक्रिया .

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