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Sunday, 19 August 2012

दोनों रोकें गोल, खेल फिर कौन जिताई-

भरत क्षेत्री गोलकी, गीता गोली व्याह  ।
हाकी के महिला पुरुष, पकडे सीधी राह ।

पकडे सीधी राह , बधाई मंगल मंगल ।
गोल पोस्ट पर वाह, दिखाया जलवा-दंगल ।

दोनों हैं अति श्रेष्ठ, बताना लेकिन भाई ।
दोनों रोकें गोल, खेल फिर कौन जिताई ।।  

 
Image of Hermann tortoise for sale

कच्छप छप छप छोड़ के, करे हवा से बात ।
विगत शत्रु खरगोश को, दे दे फिर से मात ।

दे दे फिर से मात,  शीश पर कवच लगाए ।
 हाथ पैर धड देख, धड़ा धड़  दौड़ा जाये  ।

चार गियर का त्वरण,  आज रण-विजय करे है ।
ख़तम होय जो दौड़, कवच को बगल धरे है ।।

File:MotoX Helmet.jpg

3 comments:

  1. वाह !
    क्या कछुवा दौड़ाया है
    खरोगोश को फिर से रुलाया है !

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  2. कछुवा पछुवाता नहीं ,रखे सदा ही जोश
    और दंभ में हारता , हरदम ही खरगोश
    हरदम ही खरगोश, हमेशा यही कहानी
    जोश होश के साथ , चाल होती मस्तानी
    जीत हार को भूल ,चलाचल आगे बचुवा
    सदा रहा पर्याय, जीत का केवल कछुवा ||

    ReplyDelete
  3. कछुवा पछुवाता नहीं ,रखे सदा ही जोश
    और दंभ में हारता , हरदम ही खरगोश
    हरदम ही खरगोश, हमेशा यही कहानी
    जोश होश के साथ , चाल होती मस्तानी
    जीत हार को भूल ,चलाचल आगे बचुवा
    सदा रहा पर्याय, जीत का केवल कछुवा ||

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