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Friday, 18 January 2013

करता हूँ मैं टिप्पणी, पढ़ कर पूरा लेख -

क्या आप भी रस्मी टिप्पणी करते हैं ?

Vaneet Nagpal 
करता हूँ मैं टिप्पणी, पढ़ कर पूरा लेख |
यहाँ 
लिंक-लिक्खाड़ पर, जो चाहे सो देख |

जो चाहे सो देख, जमा हैं कई हजारों |
कुछ करते नापसंद, करूँ क्या लेकिन यारो ?


आदत से मजबूर, कई को बड़ा अखरता  ||
 काम-चलाऊ किन्तु, कभी रविकर भी करता ||

7 comments:

  1. आदत से मजबूर, कई को बड़ा अखरता ||
    काम-चलाऊ किन्तु, कभी रविकर भी करता ||
    ..होता है कभी कभी ऐसा भी होता है ..
    बहुत खूब

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  2. सच!कहते रविकर भाई ,,,:-))

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  3. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
    आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

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  4. सुन्दर और उपयोगी सुझाव् ************^^^^^^^^^******************जो चाहे सो देख, जमा हैं कई हजारों |
    कुछ करते नापसंद, करूँ क्या लेकिन यारो ?

    आदत से मजबूर, कई को बड़ा अखरता ||
    काम-चलाऊ किन्तु, कभी रविकर भी करता ||

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  5. पता है महाराज ....
    अब हम आपको फालो कर रहे हैं
    :))

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  6. हम भी फॉलो आपको करते हैं महराज
    पढ कर के टिप्पणी करें चाहे कम हो काज
    चाहे कम हो काज, टालू टिप्पण नही करते
    जैसा लगता लेख वैसा ही कहते
    हां पर यह देखते दिल ना दुखे किसी का
    झंडा ऊंचा रहे सदा हिंदी ब्लॉगिंग का ।

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