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Sunday, 13 January 2013

गुरु चरणों में नमन, पाप का देवि ! दमन हो-

महा मकर संक्राति से, बाढ़े रविकर ताप ।
सज्जन हित शुभकामना, दुर्जन रस्ता नाप ।

दुर्जन रस्ता नाप, देश में अमन चमन हो ।
गुरु चरणों में नमन, पाप का देवि ! दमन हो

मंगल मंगल तेज, उबारे देश भ्रान्ति से ।
गौरव रखे सहेज, महामकर संक्रांति से ।।


5 comments:

  1. आपको भी मकर संक्राति की मंगलमय कामनाये !

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  2. मारो मन के पाप को,काटो कलुष विचार
    हे माता ममतामयी , कर दो अब उद्धार
    कर दो अब उद्धार, तमस है बहुत घनेरा
    उगा ज्ञान का सूर्य , हमें दो नया सबेरा
    मन में बैठे दैत्य , तुरत इनको संहारो
    काटो कलुष विचार,पाप को मन के मारो ||

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  3. बढ़िया रचना!
    मकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायन की हार्दिक बधाई !
    ~सादर!

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  4. आपको मकर संक्राति की बधाई।

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  5. शुभ भाव शुभ कामना से सिंचित रचना .आभार .ठंडी बयार चले देश में सुख शान्ति की , दुश्मनों का सर्वनाश करे भारतीय सेना ,मौन सिंह को सद्बुद्धि दे ,नींद से उठाए .

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