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Tuesday, 5 November 2013

लौह-पुरुष तब बाप, आज अडवाणी बोले-

(1)
कम्युनल नेहरू कहें, जब निजाम-संताप |
रिश्ते में लगने लगे, लौह-पुरुष तब बाप |

लौह-पुरुष तब बाप, आज अडवाणी बोले |
कांग्रेसी खुरपेंच, विरासत खा हिचकोले |

छद्म धर्म निरपेक्ष, वसूले अब भी किश्तें |
लेकिन आज पटेल, संघ के लिए फ़रिश्ते ||

(2)
लोहा है हर देह में, भरा अंग-प्रत्यंग |
मगर अधिकतर देह में, मोह-मेह का जंग |

मोह-मेह का जंग, जंग लड़ने से डरता |
नीति-नियम से पंगु, कीर्ति कि चिंता करता |

लौह पुरुष पर एक, हमें जिसने है मोहा |
किया एकजुट देश, लिया दुश्मन से लोहा ||

8 comments:

  1. लौह पुरुष पर एक, हमें जिसने है मोहा |
    किया एकजुट देश, लिया दुश्मन से लोहा ||
    बहुत सुंदर आ. रविकर जी .

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  2. इस पोस्ट की चर्चा, बृहस्पतिवार, दिनांक :- 07/11/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" चर्चा अंक - 40 पर.
    आप भी पधारें, सादर ....

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  3. वाह ! अति सुंदर प्रस्तुति...

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  4. सुंदर !
    कल धोती पुरुष थे आज लोह :)

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बृहस्पतिवार (07-11-2013) को "दिमाग का फ्यूज़" (चर्चा मंच 1422) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!

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  6. लौह पुरुष पर एक, हमें जिसने है मोहा |
    किया एकजुट देश, लिया दुश्मन से लोहा ||

    सुन्दर प्रस्तुति बधाई।

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